Friday, 12 April 2019

_आज 4 नवम्बर 2018 ग्रुप निर्माण के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ग्रुप की सार्थकता पर बात,_

*जय माताजी     जय चालक नेची माँ*

_आज 4 नवम्बर 2018 ग्रुप निर्माण के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ग्रुप की सार्थकता पर बात,_

आज से ठीक तीन साल पहले विजयदानजी मेहडू का आवश्यक कार्य से फ़ोन आया और काफ़ी लम्बी चर्चा हुई उसी दौरान आपसी बातचीत के दौरान वीजयदानजी ने कहा कि क्यों न हम एक ऐसा मंच हम बनाए जिससे की हम अपने पूरे मेहडू भाईओ को एक ही मंच पर लाकर *यूनिवर्सल मेहडू अल्ल्यास* के कार्य के बारे में हम चर्चा कर, सभी मेहडू भाईओ से यथासम्भव सम्पर्क साध सकें इस टेक्नॉलोजी का सुदपयोग करते हुए और एक व्यवस्थित व् बौद्धिक दृष्टि से सम्पन लोगो को जोड़कर एक पहल करके देखते हैं ।।

मेने विजयदानजी से कहा कि कब से कार्य प्रारम्भ करू?

तब उन्होंने तत्काल प्रत्युत्तर दिया की सभी मेहडू भाईओ को जोड़कर मुझे शाम तक बताए ताकि में इस कार्य को तत्काल पूर्ण करने की कोशिश करे,

इसी क्रम में कार्य प्रारम्भ हुआ और शाम तक हमने 70 से 80 सदस्य जोड़कर इस अभियान में गुजरात व राजस्थान से काफी मेहडू भाईओ जोड़ा, बाद हमने एक गूगल में वेबसाइट बनाई और मेहडूओ के गाव, कवि, दैवीया ओर भी काफी जानकारी एकत्रित करने का हमने प्रयास किया, जो एक सफल प्रयास रहा हमारा, हरेश्वरजी, हितेशजी, समर्थदानजी, s.d.सिंहजी, गुमानसिंहजी, रणजीतदानजी, विमलजी, व अन्य कई भाईओ के मार्गदर्शन व साथ व सहयोग से ओर आज हमारे इस समूह में आशूदानजी मेहडू, हरेश्वरजी मेहडू, हितेशजी मेहडू, प्रतापदानजी मेहडू, विमलजी मेहडू, रणजीतजी मेहडू, महेशदानजी मेहडू, *आनंदभाई मेहडू जो हमारी वेबसाइट में सबसे ज्यादा सहयोग रहा इनका,* गुमानसिंहजी मेहडू सदैव मेहडू भाईओ के प्रति अटूट प्रेम बना रहा इनका, करणीदानभाई मेहडू साता, चावण्डसिंहजी जाड़ावत जैथल्या जो हमारी वेबसाइट के लिए सबसे ज्यादा जानकारी जाडाजी मेहडू की दी, सामलदानजी मेहडू तरला मेहडू परिवार के सबसे एक्टिव सदस्य, वासुदेवजी मेहडू खारी जिन्होंने लालाजी मेहडू के बारे में हमे सम्पूर्ण जानकारी भेजी, अजीतभाई मेहुड ने- भाईयो का प्रेम देखते हुए बीकानेर क्षेत्र से काफी मेहडू भाईओ जोड़ा हमारे इस समूह में,
प्रभुदानजी मेहडू जोधपुर, वेणीदान भाई मेहडू साता, किरणभाई खाम्भेल व जयेशभाई मेहडू साता की तो बात ही अलग है हमेसा मेहडू भाईओ के प्रति उनका सदैव प्रेम रहता है, जयकरणसिंहजी जाडावत, व सभी मेहडू भाईओ के सहयोग से ये ग्रुप बना सबका नाम लिखने जाऊ तो ये पोस्ट बहोत बड़ी हो जाएगी, सबके साथ स सहयोग से हमने काफी डाटा इकठ्ठा किया है, जो आप हमारी वेबसाइट पर देख सकते हो,

हमारे इस ग्रुप को 3 साल पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं सुभकामनाये💐💐

*माँ चालक नेची जी की सदैव कृपा बनी रहे💐💐*

*✍Universal Mahedu Alliance*

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Sunday, 24 June 2018

वर्षा ना बिंदू थ्या खारा

वर्षा ना बिंदू थ्या खारा...... !

चोगरदम संभऴाय छे नौबत नगारा ,
चीमनी चलम धूमाडियां अंधारा

धरा तणा नर थ्या ऩठारा ....
वर्षा ना बिंदू थ्या खारा .... !

आकाशे वादऴ नी बेठक बोलावी,
ना वरसो आ वरसे थ्यो खरडो
पवने तो वहेंच्या छे ईच्छित ईलाका ने,
ओझोन ना उर पर उजरडो .

वादळ नी पूणी ने पींखे पींजारा !
वर्षा ना बिंदू थ्या खारा  !

मोरला ना मिसकोले मेह नहीं आवे,
एम पंखी नी नात ने संदेशो ....
देखाडी ठाठमाठ भागी जवानुं,
ए आफत नो आव्यो अंदेशो....

बीजो नां बाळ थ्यां बिचारा  !
वर्षा नां बिंदू थ्या खारा  !

आव रे वरसाद नां गीतो विसार्या ने,
मल्हारे धार्यु छे मौन....

धरती पर धार्यु तो मारू ज थाय,
एम दहाडे छे डामर पर डोन ...

आ ईंटो ना जंगल चणनारा  !
वर्षा नां बिंदू थ्या खारा  !

आकाशी दादा नी वादळनी दाढीने,
खेंचे छे चांचेथी खग ......
धरती ना उर नी वराळो आभे अडी,
रूठेला पियु नां पकडे छे पग ....

पछी वरसे ते आंसूं होय खारा....
आज वर्षा नां बिंदू थ्यां खारा  !

- आनंद महेशदान महेडू
24/06/2018
10:55 PM

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Sunday, 17 June 2018

पिता की सीख

|| पिता की  सीख  ||

स्वमान के मायने क्या होते हैं?
खुशी के ठिकाने कहाँ होते हैं?
तूं कब जान पायेगा बेटा?
तूं कब बडा होगा बेटा?

न मिले गर दाना -पानी ,
मिले जग की परेशानी,
थकान हो गर तन में,
मुस्कान रख तूं मन में....

अपना हैं वो जाये ना,
जाये वो ना हो अपना बेटा....
तूं कब बडा होगा बेटा?

ये चकाचौंध देख रहे हो?
ये लंबी लाईन देख रहे हो?
मुफ्त मे क्या मिलता हैं?
खुद-ब-खुद क्या खिलता है?

ताली की आवाज़ कान को भाये,
वो फिर ना आगे बढ़ पाये बेटा....
तूं कब बडा होगा बेटा?

मैंने जो जेला है.... ना जेल.....
खुशी से जग में जा के खेल...

फिर ये आँगन जा  ना भूल,
माथे चडा ये मिट्टी-धूल ,

तूं जो पायेगा मैं पाऊंगा.....
तूं जो खोयेगा दीलाऊंगा  बेटा .....
तूं कब बडा़ होगा बेटा?

मेरे गुस्से की आग को,
कुछ पाने की आग बना  ली,
अब हर दिन तेरा होली हैं,
हर रात तेरी दिवाली.....

दर की दिवार पे तस्वीर बन के नही हूँ अब,
दिल की दिवार पे रख दीया मुझे अब....

तूं कब बडा हो गया बेटा?
तूं  ईतना बडा हो गया बेटा........

-आनंद महेशदान महेडू  |

Happy Father's Day to all of you.

🌷💟

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Saturday, 16 June 2018

वर्षा नी राह जोतो मोरलो

वर्षा नी राह जोतो मोरलो.....
कंईक विरह नी आग मां.....
प्रजळी रह्यो छे......
समय नां एंधाण एनी प्रतिक्षा नी पांख ने कोरी खाय छे....
भेखड अने धार भरखवा माटे धाय छे....
सूको पवन वादळ दूर-दूर सुधी न होवानी चाडी खाय छे,
ए शुष्कता नी दीवासऴी विरह नी ज्वाळा पेटावे छे.....
वड नां दांतण वीणवा आवेल देवीपूजक नी होंकली मांथी नीकळतो धूमाडो सहेज-सहेज मोरला नां आषाढी अंग ने थथरावे छे..... गळे डूमो बाज्यो होय तेम रूंधायेला विरह गीत छलकवा माटे तलपापड थई रह्या छे...
त्यारे एक नि:श्वास् मांथी निकळता मल्हारनां मालमी मत्त मयूर नां नत मस्तके उद्गार.....

निल वांसळी कंठ नी,
विरहे घूंट्या राग  |
बुंद बुजावो प्रेम थी ,
आ अलबेला नी आग  ||

- आनंद महेशदान महेडू  |
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺

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Friday, 25 May 2018

डोलरदान भगुभाई रोहड़िया शताब्दी महोत्सवे

_*ताजेतरमा गुजरात राज्य संगीतनाट्य अकादमी तथा यूनिवर्सल मेहड़ु अल्लायशना प्रयासथी त्रण मध्यकालीन चारण कवियो लागीदासजी मेहड़ु, व्रजमालजी मेहड़ु तथा कानदासजी मेहड़ु ना द्वि शताब्दी- त्री शताब्दी महोत्सव उजवणी अनुक्रमे हळवद धांग्धरा ठाकोर साहेब, जामनगर ठाकोर साहेब, राजकोट ठाकोर साहेब तथा गायकवाड़ सरकार तथा साणंद ठाकोर साहेबनी उपस्थितिमा मेहड़ु कुळनी कावी प्रतिभाओं तथा दैवत्वने बे शब्दोथी नवाजवानु सदभाग्य प्राप्त थयु।*_

*मेहड़ु सुजस- पच्चीसी-दुहा*

રંગ કચારી રાજરી,અવઙભઙ નર અટ્ટ,
જાઙો ચારણ જગ્ગવટ્ટ,વઙ વધારણ વટ્ટ ..1
જ્યાં નામે વઙ જગરા,સામંતા રુ સુભટ્ટ,
નામે નહ નરસિંહરા, જાઙો ચારણ જટ્ટ.  ...2
ગોરા હાકમ ગરજતાં,રાખણ નિર્ગણ રટ્ટ,
દરિયાપીર દાખે દયા,કહાનદાસ વઙ કઠ્ઠ, ....3
નાંગળ લોહ નોંધિયા ,  કોટઙિયા મહ કઢ્ઢ,
વિનવતાહી વાંભયા,  દરયાપીર તત દ્રઢ્ઢ ,....4
ભિઙ પઙે માં ભારથી , અઙાભિઙ કવિ અઠ્ઠ,
કાનદાસ કિરત કહી, રીજ દરિયાપીર. રટ્ટ......5
રચી કવિતા રંગથી,  મહિમા મહિ મહઠ્ઠ,
ગોદઙ મહેઙુ ગર્વસુ,    દુહા તિનસો સઠ્ઠ, ...,....6
લાગીદાસ નર લાધિયો,હરિભાવ કર હથ્થ,
સતસ્મરણ કર સરજ્યો,ગહન રામરસ ગ્રંથ્થ....7
પરાક્રમ સૂર પુત્રના  , રચ્યા કાવ્ય રમમાણ,
અોખાહરણ કહ્યો અતિ,લાગીદાસ રસ લાણ,....8
અેકાદસી વ્રત ઊક્તિ  ,રાજ સગણ જસ રંગ,
લાંગીદાસ અેતા લખ્યા,અતિ ગહન  ઊમંગ......9
સંગ્રામે કર સોંપિયો , ફરણ હય  ફુલમાળ,
બીર્દ  લાંગીદાસ બરણ,જાઙેજા જસમાળ,.....10
જસવંત મહેઙુ  જબર ,વ્રત અજાચી વિર,
વાઘેર જામે વેઙિયા,  સોંપ્યો નિજ શરીર ,.......11
રણભેરી બાજી રહ્યા, ઘાવ નગારે ઘોર,
જસો મહેઙુ તવ જપ્યો,તહાં પવાઙો તોર,........12
પુતર માંઙણ રો પ્રબળ,  ગહન કવિ ગંભિર,
રચી અભેસિંહ રજરી, હસ્તિ છઙી  કટિહિર,, ......13
જાણી વ્રૃતિ રાજ જસ,પાઠ પઠણ હર પંથ,
લાગીદાસે તત લખ્યો,હરિ સ્મરણ હર હથ્થ ........14
છંદ નિશાણી છપયો,બાબી જેઠવા બથ્થ,
લાગીદાસ જુધે લખ્યો, ગણ બાબીરો ગ્રથ્થ.........15
રામવાણી રસણાં રચી, રામદાન કવ રાણ,
છંદા દુહા થી છજ્યા, રસ કવિત રસલ્હાણ,.......16
રતનાકર જેસો રચ્યો  ,ભક્તવત્સલ ગ્રંથ ભાણ,
મુક્ત કવિ યું મહકતો  ,  પારસ સિધ્ધ પ્રમાણ  .....17
સત્ય વાત નિતિ સભર,  કરે ભક્તિ કલ્યાણ,
મુક્ત કહ્યો નિજ મુખથી,દેવ કવિ દહેવાણ ........18
ઙુગરસિંહ વટ ઙિણસી, થળા જાગિરે થઙ્ઙ,
છતરશાલ ઝાલા છવ્યો,દેગામ થાપ્યો દ્રઢ્ઢ ,........19
મહેઙુ કવિજન મોજથી, રટ્યા ગ્રંથ નવ રંગ,
જગદંબા તું જેતબાઈ  , ગઢવી  આંગણ ગંગ.......20
સામરખા ગામે સબળ ,કાનદાસ જસ  કુળ,
મુરાદ સમ ચેલો મળ્યો, મહેઙુ  ચારણ  મુળ........21
રુપ ધરી રણચંઙિકા ,  બેઠી ગાઙે બાઈ ,
ચોવીસી દઈ ચંઙિકા , જેતી લાખા જાઈ,............22
આ ધરતિની ઉપરે  , કૈક રતન કવરાજ ,
કાનદાસ આ કળયુગે ,લેખી ભક્તિ લાજ,..,.......23
રાજ દરબારે રખિયુ, રુઙી ચારણ રીત,
લાંગીદાસ વ્રજમાલ લે,કહાન મહેઙુ ક્રિત..........24
સુજસ મહેઙુ સાંભર્યો,રાજ સમારંભ રંગ,
કવિ "દાન " કિર્તિ કહી,સત્ય કવિતા સંગ,........25

*डोलरदान भगुभाई रोहड़िया*
*धुनागाम, ता. पडधरी, जिला- राजकोट.*

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